मनोवैज्ञानिक और एआई
आपके प्रश्न से स्पष्ट है कि आप अभी जो अनुभव कर रही हैं वह तनाव और संभावित अवसाद का प्रभाव हो सकता है, जो यौन इच्छा में कमी लाता है। कई बार जब हम मानसिक रूप से थके होते हैं, तनाव में होते हैं या उदास महसूस करते हैं, तो हमारा शरीर भी उसका जवाब यौन इच्छा में कमी के रूप में देता है। यह एक मनोदैहिक कड़ी हो सकती है, जहां मानसिक भावनाएं शारीरिक प्रतिक्रियाओं को प्रभावित करती हैं। यह बिल्कुल सामान्य है और इसका मतलब यह नहीं कि आपके रिश्ते में कोई कमी है या आपकी प्रेम भावना खत्म हो गई है। इस समय अपने आप के प्रति दयालु रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अत्यधिक दबाव या खुद पर कठोरता से स्थिति और बिगड़ सकती है। तनाव को थोड़ा कम करने के लिए आप ध्यान, योग या श्वास अभ्यास जैसी विधियों का सहारा ले सकती हैं, जो मन और शरीर को रिलैक्स करती हैं। पॉजिटिव अफर्मेशनें भी उपयोगी हो सकती हैं, जैसे अपने आप को यह कहना कि आपकी भावनाएँ और चाहतें वापस आएंगी, और आप अपने साथी से प्यार करती हैं। साथ ही, पार्टनर के साथ खुले और ईमानदार संवाद करना महत्वपूर्ण है ताकि वे आपकी स्थिति समझ सकें और आप दोनों मिलकर समाधान ढूंढ सकें। अपना निजी समय और स्वयं की देखभाल भी बढ़ाएं, जैसे पसंदीदा गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखना। याद रखें कि यह स्थिति स्थायी नहीं है, उचित आत्म-संवेदनशीलता और संबंध की देखभाल से कामेच्छा में पुनः सुधार हो सकता है। हालांकि, यदि आपको लगे कि अवसाद के लक्षण बहुत गहराते जा रहे हैं या आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, तो किसी स्वयंसेवी काउंसेलर या परामर्शदाता से बात करना उपयोगी रहेगा। तनाव, थकान और भावनात्मक बदलावों का यौन इच्छा पर असर होना सामान्य है, इसलिए खुद को जिम्मेदार न ठहराएं और सुधार के लिए छोटे छोटे कदम उठाएं।