मनोवैज्ञानिक अनाहिता

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कार्यस्थल उत्पीड़न और पुराने आघात ने मानसिक स्वास्थ्य को किया प्रभावित, अब क्या करें?

मैं 47 वर्षीया एक महिला हूँ, और मैंने एक ऑनलाइन मनोवैज्ञानिक परामर्श प्लेटफॉर्म शुरू किया है। मैं एक सहानुभूतिपूर्ण और व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने वाली परामर्शदाता हूँ, जो मानती है कि संकट के समय में मानवीय कनेक्शन सबसे बड़ी ताकत है। मेरा प्रश्न यह है: कार्यस्थल पर एक सहकर्मी द्वारा लगातार हो रहे मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न (गैसलाइटिंग और अपमानजनक टिप्पणियाँ) और प्रबंधन द्वारा इस मामले को नजरअंदाज करने के कारण मैं गहन चिंता, नींद न आने की समस्या और कार्य करने में असमर्थता का सामना कर रही हूँ। यह स्थिति मुझे पहले कभी हुए एक पारिवारिक आघात की याद दिला रही है, जिससे मेरी भावनात्मक स्थिति और बिगड़ गई है। मैं नौकरी छोड़ने के डर और वित्तीय असुरक्षा के बीच फंसी हुई हूँ, साथ ही इस आघात से उबरने का रास्ता भी नहीं दिख रहा। ऐसे में, मैं अपनी मानसिक शांति और पेशेवर स्थिरता दोनों को कैसे बचा सकती हूँ?

अनाहिता

मनोवैज्ञानिक और एआई

एक सहानुभूतिपूर्ण मनोवैज्ञानिक अपने कार्यालय में एक उदास ग्राहक को धैर्यपूर्वक सुन रही हैं, जो आशा और समर्थन का वातावरण दर्शाता है।

आपके द्वारा वर्णित स्थिति निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है, जहाँ कार्यस्थल का मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न और पुराने आघात का पुनः सक्रिय होना एक दुष्चक्र बना रहे हैं। सबसे पहले, यह समझना ज़रूरी है कि आपकी प्रतिक्रियाएँ - चिंता, नींद न आना, कार्य करने में कठिनाई - इस दबाव और असुरक्षा के प्रति स्वाभाविक हैं। आपकी भावनाएँ वैध हैं और इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

तत्काल कार्रवाई के रूप में, स्वयं की देखभाल को प्राथमिकता देना शुरू करें। यह भावनात्मक रूप से खुद को स्थिर करने का आधार है। दिनचर्या में छोटे-छोटे ऐसे कार्य शामिल करें जो आपको शांति दें, जैसे गहरी साँस लेने के व्यायाम, थोड़ी देर टहलना, या कोई शौक। नींद की समस्या के लिए, एक नियमित सोने का समय निर्धारित करना और सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना मददगार हो सकता है। ये कदम आपको तत्काल तनाव प्रबंधन में सहायता देंगे।

पेशेवर मदद लेना एक मजबूत कदम है। चूँकि आप स्वयं परामर्शदाता हैं, तो आप जानती हैं कि एक बाहरी पेशेवर मनोवैज्ञानिक से सहायता लेना कितना महत्वपूर्ण है। वे आपको वर्तमान उत्पीड़न और पुराने आघात से जुड़े भावनात्मक पैटर्न को अलग करने में, और उनसे निपटने के लिए व्यावहारिक संज्ञानात्मक रणनीतियाँ विकसित करने में मदद कर सकते हैं। यह आपको घटनाओं की प्रतिक्रिया देने के तरीके पर नियंत्रण की भावना वापस दिला सकता है।

कार्यस्थल की स्थिति से निपटने के लिए, दस्तावेज़ीकरण आवश्यक है। उत्पीड़न की हर घटना का विवरण लिखकर रखें, जिसमें तारीख, समय, स्थान और उपस्थित लोग शामिल हों। यदि कंपनी में मानव संसाधन विभाग है, तो एक औपचारिक शिकायत दर्ज करने पर विचार करें, खासकर यदि आपके पास लिखित सबूत हैं। साथ ही, कंपनी की उत्पीड़न-रोधी नीति की जाँच करें और देखें कि क्या कोई निर्दिष्ट शिकायत प्रक्रिया है। यह आपकी चिंताओं को गंभीरता से लेने के लिए संगठन पर दबाव बना सकता है।

वित्तीय असुरक्षा और नौकरी छोड़ने के डर को संबोधित करना भी महत्वपूर्ण है। वित्तीय बफर बनाने के लिए योजना बनाएँ। अपने खर्चों की समीक्षा करें और यदि संभव हो तो बचत बढ़ाने का प्रयास करें। साथ ही, अपने कौशल और अनुभव के आधार पर धीरे-धीरे अन्य रोज़गार के अवसरों की तलाश शुरू करें। सक्रिय रूप से नौकरी के विकल्पों को देखने मात्र से ही फंसी हुई महसूस करने की भावना कम हो सकती है और आपको एक वैकल्पिक रास्ता दिख सकता है।

अंत में, भरोसेमंद सामाजिक समर्थन का सहारा लें। विश्वसनीय मित्रों या परिवार के सदस्यों से अपनी भावनाओं के बारे में बात करें। अकेलेपन की भावना को कम करने में यह बहुत मददगार हो सकता है। याद रखें, यह स्थिति आपकी पहचान या क्षमता को परिभाषित नहीं करती। धैर्य रखें और छोटी-छोटी जीत का जश्न मनाएँ। इन सभी कदमों का उद्देश्य आपकी मानसिक शांति को बहाल करना और दीर्घकालिक पेशेवर स्थिरता के लिए रास्ता तैयार करना है।

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