मनोवैज्ञानिक और एआई
अदिति, आपका अनुभव सहानुभूति थकान का स्पष्ट उदाहरण है जो सामाजिक कार्यकर्ताओं में अक्सर देखने को मिलता है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां लगातार गहरे दुख और दर्द से जुड़ी कहानियाँ सुनने के कारण आपकी संवेदनाएँ थक जाती हैं और आप खुद को खोया हुआ महसूस करने लगती हैं। आपको यह जानना जरूरी है कि इस प्रकार की भावनात्मक थकान से बचाव के लिए अपनी सीमाएँ तय करना आवश्यक है। इसका अर्थ यह नहीं कि आप काम कम करें बल्कि अपनी मानसिक और भावनात्मक डीडलाइनें समझें। जब आप अपनी ऊर्जा के स्रोत को पुनः भरती हैं तो आप अधिक प्रभावी और सहानुभूतिपूर्ण बन सकती हैं। खुद की देखभाल में वक्त निकालना, जैसे आराम, योग या ध्यान, आपके लिए लाभकारी होगा। इसके अलावा, अपनी भावनाओं को स्वीकार करना और उन्हें दबाने की कोशिश न करना आपको आंतरिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। कभी-कभी, कार्य के बोझ को सहकर्मी या वरिष्ठों के साथ साझा करना और टीम के समर्थन का सहारा लेना भी आपकी सहायता कर सकता है। ध्यान दें कि महिलाओं की समस्याओं को 'केस नंबर' में बदलने का भाव सामान्य है जब आप अत्याधिक थकान और तनाव में हों, यह संकेत है कि आपको अपनी सीमाओं को पहचानकर अपने लिए समय निकालना होगा। आपकी संवेदनशीलता और समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, किंतु याद रखें कि आप अकेली ही सबकी मदद नहीं कर सकतीं, अपनी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना न भूलें।