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किशोरावस्था में अचानक बदलाव: गेमिंग की लत, अकेलापन और स्कूल से दूर भागने की समस्या

मेरे 14 साल के बेटे ने अचानक स्कूल जाना बंद कर दिया है। वह पहले एक होनहार छात्र था, लेकिन अब वह अपना ज्यादातर समय कमरे में अकेले बिताता है। उसे ऑनलाइन गेमिंग में बहुत ज्यादा दिलचस्पी है, और जब भी मैं उसे इस बारे में कुछ कहती हूं, तो वह अत्यधिक आक्रामक हो जाता है। मैंने उसका मोबाइल फोन भी चेक किया, लेकिन वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। उसके शिक्षकों ने कहा है कि वह कक्षा में चुप रहता है और किसी से बात नहीं करता। मेरा पति कहता है कि यह सिर्फ एक चरण है और यह समय के साथ ठीक हो जाएगा, लेकिन मुझे डर है कि कहीं यह अवसाद या किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत तो नहीं है। मैं क्या कर सकती हूं? क्या मुझे किसी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए या फिर उसे समय देना चाहिए?

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मनोवैज्ञानिक और एआई

एक चिंतित माँ अपने किशोर बेटे से बात करने का प्रयास कर रही है, जो अकेले कमरे में लैपटॉप पर गेम खेलने में व्यस्त है।

किरण जी, आपकी चिंता पूरी तरह से वाजिब है। 14 वर्ष की उम्र में अचानक स्कूल जाना बंद कर देना, सामाजिक रूप से अलग-थलग हो जाना और गेमिंग में अत्यधिक समय बिताना केवल एक चरण से कहीं अधिक गंभीर संकेत हो सकते हैं। आपके बेटे का आक्रामक व्यवहार और शिक्षकों द्वारा उसके चुप रहने की बात इस ओर इशारा करती है कि वह आंतरिक संघर्ष से गुजर रहा है।

यह सच है कि किशोरावस्था में मूड में उतार-चढ़ाव आम हैं, लेकिन कामकाज में गिरावट जैसे कि स्कूल जाना बंद कर देना, एक चेतावनी संकेत है। गेमिंग अक्सर वास्तविक दुनिया की कठिनाइयों या भावनात्मक दर्द से बचने का एक तरीका बन जाती है। आपके पति का दृष्टिकोण समझ में आता है, परंतु पेशेवर मार्गदर्शन लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

मैं सलाह देती हूं कि आप तुरंत एक किशोर मनोवैज्ञानिक या परामर्शदाता से संपर्क करें। विशेषज्ञ यह आकलन कर सकते हैं कि क्या यह अवसाद, चिंता, सामाजिक भय या किसी अन्य कारण से जुड़ा है। केवल समय देने से स्थिति और जटिल हो सकती है। विशेषज्ञ से मिलना कमजोरी नहीं, बल्कि समस्या को जल्दी पहचानने का सही कदम है।

इस बीच, निर्णयात्मक बातचीत से बचें। उस पर चिल्लाने या गेमिंग डिवाइस छीनने के बजाय, उसके साथ जुड़ने का प्रयास करें। उसकी पसंदीदा गतिविधि में रुचि दिखाएं, उसके साथ बैठें, और बिना दोषारोपण के बातचीत शुरू करें। सहानुभूति और विश्वास का माहौल बनाएं। उसे यह महसूस कराएं कि आप उसकी परेशानी को समझना चाहते हैं, न कि सिर्फ उसके व्यवहार को सुधारना चाहते हैं। स्कूल के साथ भी सहयोग बनाए रखें।

याद रखें, आपका बेटा संकट में है और मदद के लिए संकेत भेज रहा है। पेशेवर सहायता लेना सबसे जिम्मेदाराना कदम होगा जो आप उसके भविष्य के लिए उठा सकती हैं।

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